ये मोहब्बत है जनाब कितनी भी तकलीफ दे मगर सुकून भी उसी की बाहों में मिलता है

अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं जहाँ पर फूल खिलते थे कभी आज वहां पर वीरान हो गए हैं

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो लेकिन त्यौहार हो जाता है

कुछ हदें हैं मेरी कुछ हदें हैं तेरी लेकिन दायरों में भी इश्क़ होता है

अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ

सच्ची मोहब्बत कभी खत्म नहीं होती वक़्त के साथ खामोश हो जाती है

हमेशा के लिए रख लो ना पास मुझे अपने कोई पूछे तो बता देना किरायेदार है दिल का

हम इश्क़ के वो मुकाम पर खड़े है जहाँ दिल किसी और को चाहे तो गुन्हा लगता है

जरूरी नहीं इश्क़ में बनहूँ के सहारे ही मिले किसी को जी भर के महसूस करना भी मोहब्बत है

पाना और खोना तो किस्मत की बात है मगर चाहते रहना तो अपने हाथ में है